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    जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग

    जन्म और मृत्यु पंजीकरण – महत्व और प्रक्रिया

    परिवार में जन्म या मृत्यु की स्थिति में, पंजीकरण के लिए नगर निगम के रजिस्ट्रार कार्यालय को सूचित करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। भारतीय कानून के तहत जन्म और मृत्यु पंजीकरण एक कानूनी आवश्यकता है।

    जन्म और मृत्यु पंजीकरण का महत्व

    • सामाजिक और आर्थिक नियोजन के लिए जन्म और मृत्यु का पंजीकरण आवश्यक है।
    • पंजीकरण के माध्यम से एकत्रित आँकड़े सरकारी नीतियाँ बनाने और शिक्षा, विद्युतीकरण, पेयजल आपूर्ति आदि से संबंधित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में मदद करते हैं।
    • जन्म दर के आँकड़े परिवार कल्याण योजना को बढ़ावा देते हैं, जबकि मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर के आँकड़े स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
    • मृत्यु के कारणों की जानकारी विशिष्ट क्षेत्रों में रोगों के रुझान की पहचान करने में मदद करती है, जिससे लक्षित स्वास्थ्य सेवाओं की तैनाती में सहायता मिलती है।

    जन्म प्रमाण पत्र के लाभ

    जन्म प्रमाण पत्र निम्नलिखित के लिए आवश्यक है:

    • विद्यालय में प्रवेश हेतु
    • ड्राईविंग लाईसेन्‍स लेने के लिये
    • पासपोर्ट पाने के लिये
    • बीमा पॉलिसी लेने के लिये
    • राशन कार्ड में नाम दर्ज करवाने के लिए
    • सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने के लिए कर सकते है।

    मृत्यु प्रमाण पत्र के लाभ

    मृत्यु प्रमाण पत्र का उपयोग निम्न के लिए किया जाता है:

    • सम्‍पति के उतराधिकारी के लिए
    • पेंशन एवं बीमा आदि के मामलों को निपटाने के लिए
    • सम्‍पति दावों को निपटाने के लिए
    • भूमि के नामान्‍तरण के लिए किया जा सकता है।

    जन्म या मृत्यु का पंजीकरण कैसे करें?

    • जन्म या मृत्यु की सूचना जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रार कार्यालय को घटना के 21 दिनों के भीतर दी जानी चाहिए।
    • यह जानकारी परिवार के किसी सदस्य या करीबी रिश्तेदार द्वारा निम्नलिखित भरकर जमा की जानी चाहिए:
    • जमा करने पर, जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र निःशुल्क जारी किया जाता है।
    क्र. सं. अधिकारी/कर्मचारी का नाम पदनाम मोबाइल नंबर
    1 अमन कुमार प्र0 सहायक नगर आयुक्त 9927926485
    2 मगना पोखरियाल वरिष्ठ सहायक 8077921910