पी एम स्वनिधि योजना
पीएम स्ट्रीट वेंडर की आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना
पी0एम0 स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना कोविड़- 19 महामारी के समय पर पथ विक्रेता के लिए संचालित की गई थी। इन पथ विक्रेताओं को भिन्न- भिन्न क्षेत्रों/संदर्भ में वेंडर खोमचे वाले, ठेले वाले और रेडी वाले इत्यादि नामों से जाना जाता है। इन पथ विक्रेताओं द्वारा बेची जाने वाली वस्तुओं में सब्जियां,फल,तैयार स्ट्रीट फूड, चाय, पकौडे, ब्रेड, अंडे, वस्त्र,परिधान, जूते/चप्पल शिल्प से बने सामान किताबे/लेखन सामग्री आदि शामिल होती है।
इस योजना में नाई, मोची, पान की दुकान के मालिक और लॉन्ड्री संचालक जैसे सेवा प्रदाता भी शामिल हैं। यह बैंकों के माध्यम से तीन चरणों में कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करता है:
- पहले चरण में ₹10,000
- दूसरे चरण में ₹20,000 (पहले ऋण की अदायगी पर)
- तीसरे चरण में ₹50,000 (दूसरे ऋण की अदायगी के बाद)
यह केद्रीय क्षेत्र की स्कीम है, जो निम्नलिखित उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा पूर्ण वित-पोषित है-
- रू0 10,000 तक की कार्यशील पुंजी ऋण की सहायता ।
- नियमित पुनः भुगतान को प्रोत्साहित करना।
- डिजिटल लेन-देन को बढावा देना।
इस स्कीम से पथ विक्रेताओं को उपरोक्त उद्देश्यों से परिचित होने में मदद मिलेगी और इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढाने के लिए नये अवसर प्राप्त होगें।
लाभार्थियों के लिए पात्रता मानदंड –
यह स्कीम 24 मार्च 2020 को एवं इससे पूर्व शहरी क्षेत्रों में वेंडिंग कर रहे सभी पथ विक्रेताओं के लिए उपलब्ध है। पात्र पथ विक्रेताओं की पहचान निम्नलिखित मानदंडों के अनुसार की जायेगी-
- ऐसे पथ विक्रेता जिनके पास शहरी स्थानीय निकायों द्वारा जारी किया गया सटिफिकेट ऑफ वेंडिंग/पहचान पत्र है।
- ऐसे पथ विक्रेता जिन्हे सर्वेक्षण में चिन्हित कर लिया गया है। परन्तु सटिफिकेट ऑफ वेंडिंग/पहचान पत्र जारी नही किया गया है।
स्कीम में आवेदन करने हेतु निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता है-
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- ट्रेड लाईसेंस
लाभार्थी:
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लाभ:
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आवेदन कैसे करें
पी0एम0 स्वनिधि योजना का आवेदन नजदिकी नगर निगम एवं निकायों द्वारा आयोजित कैंम्पों के माध्यम से किया जा सकता है।